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शादी का वादा, फिर धोखा! नवजात बच्चे को लेकर इंसाफ की गुहार लगा रही युवती

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मुजफ्फरपुर में शादी का भरोसा देकर युवती से संबंध बनाने और मां बनने के बाद छोड़ देने का मामला सामने आया है। पीड़िता अब अपने एक महीने के बच्चे को लेकर न्याय की मांग कर रही है।

मुजफ्फरपुर/आलम की खबर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से प्यार, भरोसे और धोखे की एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने लोगों को भावुक कर दिया है। एक युवती आज अपने एक महीने के मासूम बच्चे को गोद में लेकर न्याय की गुहार लगा रही है। आरोप है कि गांव के ही एक युवक ने शादी का भरोसा देकर वर्षों तक उसके साथ संबंध बनाए, लेकिन जब वह मां बन गई तो उसने रिश्ता स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अब पीड़िता पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रही है और अपने बच्चे के भविष्य के लिए इंसाफ मांग रही है।पूरा मामला Muzaffarpur जिले के हथौड़ी थाना क्षेत्र के बेरई गांव का बताया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार गांव के ही एक युवक से उसकी पहचान हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। युवती का आरोप है कि युवक ने उससे शादी करने का वादा किया और भरोसा दिलाया कि वह जीवनभर उसका साथ निभाएगा। इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।

पीड़िता का कहना है कि युवक बाद में उसे अपने साथ दिल्ली ले गया, जहां दोनों कई महीनों तक साथ रहे। इस दौरान युवक लगातार शादी का आश्वासन देता रहा। युवती ने बताया कि उसे पूरा विश्वास था कि दोनों जल्द शादी कर लेंगे और एक नया जीवन शुरू करेंगे। लेकिन इसी बीच वह गर्भवती हो गई। जब उसने इस बारे में युवक को बताया तो शुरुआत में उसने भरोसा दिलाया कि सब ठीक हो जाएगा और बच्चे के जन्म के बाद वह परिवार और समाज के सामने शादी कर लेगा।

युवती का आरोप है कि युवक ने उसे गांव लौट जाने को कहा और भरोसा दिया कि बच्चे के जन्म के बाद वह धूमधाम से शादी करेगा। प्रेमी की बातों पर विश्वास कर युवती वापस अपने गांव लौट आई। कुछ समय बाद उसने एक बेटे को जन्म दिया। परिवार और समाज के दबाव के बीच वह लगातार युवक से संपर्क करती रही ताकि वह अपने वादे के अनुसार शादी कर सके।

करीब एक महीने पहले बच्चे के जन्म के बाद जब आरोपी युवक गांव लौटा तो पीड़िता अपने नवजात बच्चे को गोद में लेकर उसके घर पहुंची। उसने युवक और उसके परिवार से शादी की बात कही, लेकिन युवती का आरोप है कि इस बार युवक का व्यवहार पूरी तरह बदल चुका था। उसने न सिर्फ शादी करने से साफ इनकार कर दिया बल्कि बच्चे को अपना मानने से भी मना कर दिया।

पीड़िता के अनुसार युवक ने यह कहकर रिश्ता खत्म करने की कोशिश की कि दोनों अलग-अलग जाति से हैं और परिवार इस शादी के लिए तैयार नहीं है। युवती का आरोप है कि उसे घर से डांटकर भगा दिया गया। इस घटना के बाद वह पूरी तरह टूट गई। उसने बताया कि जिस व्यक्ति पर उसने सबसे ज्यादा भरोसा किया, उसी ने सबसे मुश्किल समय में उसका साथ छोड़ दिया।इसके बाद पीड़िता न्याय के लिए स्थानीय हथौड़ी थाने पहुंची। उसने पुलिस से शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन उसका आरोप है कि वहां भी उसे उम्मीद के मुताबिक मदद नहीं मिली। युवती का कहना है कि उसने कई बार अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन उसकी परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया गया।

स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद पीड़िता अपने नवजात बच्चे को लेकर मुजफ्फरपुर स्थित पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्यालय पहुंची। वहां उसने अधिकारियों से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी और न्याय की गुहार लगाई। रोते हुए उसने कहा कि वह सिर्फ अपने बच्चे का भविष्य सुरक्षित करना चाहती है। उसका कहना है कि वह आज भी युवक के साथ रहना चाहती है ताकि बच्चे को पिता का नाम और समाज में सम्मान मिल सके।

मामले के सामने आने के बाद इलाके में भी इसकी काफी चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि युवती के आरोप सही हैं तो आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि ऐसे मामलों में समाज और परिवारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि कई बार जाति और सामाजिक दबाव के कारण रिश्ते टूट जाते हैं।

कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि किसी युवती से शादी का झूठा वादा कर संबंध बनाए जाते हैं और बाद में उसे छोड़ दिया जाता है, तो यह गंभीर मामला बन सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस जांच के आधार पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर सकती है। इसके अलावा बच्चे के अधिकारों और उसके पालन-पोषण को लेकर भी कानून में प्रावधान मौजूद हैं।

महिला अधिकारों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को कानूनी और सामाजिक सहायता मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि कई महिलाएं बदनामी और सामाजिक दबाव के कारण शिकायत दर्ज कराने से डरती हैं, लेकिन अब समाज में जागरूकता बढ़ रही है और महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रही हैं।

फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं। वहीं युवती अपने मासूम बच्चे को गोद में लेकर आज भी उम्मीद लगाए बैठी है कि उसे और उसके बच्चे को इंसाफ जरूर मिलेगा।

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